[Full] Vikas Dubey Arrested Live Updates: कुख्यात अपराधी विकास दुबे ने कहा, शवों को जलाकर सबूत मिटाने की थी योजना

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गैंगस्टर विकास दुबे

खास बातें

कानपुर गोलीकांड के आरोपी कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे अज्ञात स्थान पर मध्यप्रदेश पुलिस पूछताछ कर रही है। उसे यूपी लाने के लिए एक यूपी पुलिस की एक टीम जल्द ही मध्यप्रदेश पहुंचेगी। वहीं विकास दुबे उत्तर प्रदेश के नंबर प्लेट वाली एक गाड़ी से मध्यप्रदेश पहुंचा था। गाड़ी पर हाईकोर्ट लिखा हुआ है। इसी कारण वह आसानी से सीमा पार कर पाया। गाड़ी किसी मनोज यादव के नाम पर पंजीकृट बताई जा रही है। हालांकि उन्होंने विकास यादव से किसी भी तरह का कोई संबंध होने की बात नकारी है। इसके अलावा गैंगस्टर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए मिलीभगत की ओर इशारा किया है। जिसपर भाजपा ने उसे जवाब दिया है।

आरोपी का उज्जैन पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है- प्रियंका गांधी

इससे पहले प्रियंका गांधी ने कहा था कि आरोपी का उज्जैन पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है।’

प्रियंका गांधी ने सीबीआई जांच की मांग की है

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सीबीआई जांच की मांग की है। विकास ने पूछताछ में बताया कि देवेंद्र मिश्र से उसकी नहीं जमती थी। सीओ ने उसे देख लेने की धमकी दी थी, इसलिए मारा।

सीजेएम तृप्ति पाण्डेय वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कर रहीं सुनवाई

सूत्रों के मुताबिक, सीजेएम तृप्ति पाण्डेय वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सुनवाई करेंगी।

पुलिस रिमांड पर लेकर कानपुर सबूत ढूंढने जाएगी

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रिमांड पर लेकर कानपुर सबूत ढूंढने जाएगी। खबर ये भी है कि विकास दुबे को पुलिस ने दी थी रेड की जानकारी। 

उज्जैन के पुलिस सेंटर में है विकास दुबे

सूत्रों के मुताबिक खबर है कि उज्जैन के पुलिस सेंटर में है विकास दुबे। यहां उससे पूछताछ जारी है। 

विकास दुबे ने कहा, चौबेपुर के अलावा कई थानों में उसके मददगार

विकास दुबे ने कहा, मैंने सभी साथियों को अलग अलग भागने को कहा था। आगे उसने कहा कि एनकाउंटर के डर से फायरिंग की। इसके अलावा उसने कहा कि चौबेपुर के अलावा कई थानों में मेरे मददगार थे। 

पुलिस पूछताछ में विकास दुबे ने क्या क्या कहाः-

पुलिसकर्मियों के शव जलाने के लिए तेल लाए थे।

शवों को जलाकर सबूत मिटाने की योजना थी

हमें खबर थी पुलिस सुबह आएगी।

पुलिस सुबह की बजाय रात में ही रेड करने आ गई।

विकास दुबे की मां ने सरकार से जान बख्श देने की गुहार लगाई

विकास दुबे के पकड़े जाने के बाद उसकी मां ने सरकार से जान बख्श देने की गुहार लगाई है। विकास की मां ने बताया कि वह हर साल उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन करता था और उनका श्रृंगार करवाता था।

विकास दुबे ने माना कि कुछ पुलिस कर्मी उसके संपर्क में थे

कुख्यात अपराधी विकास दुबे ने माना कि कुछ पुलिस कर्मी उसके संपर्क में थे। वहीं, सूत्रों के मुताबिक खबर मिल रही है कि यूपी पुलिस की एक टीम उज्जैन पहुंचने वाली है। विकास दुबे को ट्रांजिट रिमांड के लिए उज्जैन सीजेएम तृप्ति पांडे के समक्ष पेश किया जाएगा।

पुलिस की कार्रवाई पर उठने लगे सवाल

विकास दुबे के पकड़े जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के परिवार ने विकास की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं।

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ के दो वकील हिरासत में

कुख्यात अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ के दो वकीलों को भी उज्जैन से पुलिस हिरासत में लिया गया है। ये दोनों वकील निजी गाड़ी से उज्जैन गए थे। पुलिस उनसे विकास दुबे से कनेक्शन की जांच कर रही है।

विकास की गिरफ्तारी के बाद घोषित इनामी राशि पर टिकी सबकी नजर

विकास को तो पकड़ लिया गया, लेकिन जिस तरह से उसकी गिरफ्तारी हुई है उसके बाद से सभी की नजर उसपर घोषित इनामी राशि पर टिक गई है।

विकास दुबे हो सकता है कोरोना पॉजिटिव

आशंका है कि विकास दुबे कोरोना पॉजिटिव हो सकता है। ऐसी संभावना इसलिए है क्योंकि उसके रिश्तेदार श्रवण मिश्रा की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।

विकास की जमीनें बेचने की फिराक में था राजू

विकास का साला राजू बहन सोनू के नाम पर खरीदी गई जमीनों को बेचने की फिराक में था। दुबे ने अपने दर्जनों गुर्गे राजू खुल्लर और सोनू को जिंदा या मुर्दा पकड़कर लाने के लिए लगा दिए थे।

मुखबिर से मिली थी विकास दुबे के गांव में होनी की सूचना

कानपुर एनकाउंटर में गोरखपुर के रहने वाले दारोगा सुधाकर पांडे घायल हो गए थे। उन्होंने घटना के बारे में बताते हुए कहा था कि हमले के दौरान लगा कि मौत बिल्कुल सामने खड़ी है। सुधाकर पांडे ने बताया कि विकास दुबे की घर पर होने की सूचना मुखबिर द्वारा मिली, जिस पर क्षेत्राधिकारी स्तर की टीम जिसमें तीन थाने शामिल थे। रात के करीब एक बजे जब 40 पुलिसकर्मियों टीम दुबे के गांव पहुंची तो देखा कि रास्ते को जेसीबी लगाकर रोक दिया गया था।

विकास की रोटी-बोटी पर पल रहे थे ये पुलिसकर्मी

थानेदार विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा विकास के पैर छूते थे। उसके खिलाफ जो भी शिकायत करने पहुंचता था, उसी को धमकाकर खदेड़ देते थे। संरक्षण देने के लिए हर महीने मोटी रकम इन दोनों के पास पहुंचती थी। दोनों पुलिसकर्मी दहशतगर्द की रोटी और बोटी पर पल रहे थे।

डीएसपी सहित आठ पुलिसकर्मी हुए थे गोलीकांड में शहीद

एनकाउंटर में डीएसपी देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर एसओ महेश यादव समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। शुरुआती जांच में ही पता चला था कि थाने से दहशतगर्द विकास को सूचना दी गई थी कि दबिश पड़ने वाली है। इसलिए उसने पूरी तैयारी के साथ पुलिस पर हमला किया। एसएसपी ने इस प्रकरण की जांच एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव को दी थी।

खूनी खेल देखने के बाद फरार हो गए थे एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा

चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए एनकाउंटर में तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी और हलका इंचार्ज दरोगा केके शर्मा की गद्दारी पर मुहर लग गई है। आठ पुलिसकर्मियों की मौत के जिम्मेदार यही हैं। आंखों से खूनी खेल देखने के बाद मौके से फरार हो गए थे। पुलिसकर्मियों की शहादत पर ये पुलिसकर्मी खुश हुए थे।

170 कैमरों के बीच खुलेआम घूमता रहा विकास दुबे

महाकाल मंदिर परिसर में 170 आधुनिक कैमरे लगे हुए हैं। इसके अलावा यहां हर समय 60 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। गुरुवार सुबह जब मंदिर से विकास को गिरफ्तार किया गया, तब भी वहां भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। हैरानी की बात यह है कि इस सब के बावजूद विकास दुबे मुंह पर मास्क लगाकर खुलेआम घूम रहा था। उसने मंदिर में फोटो भी खिंचवाए और किसी तो खबर तक नहीं लगी।

सात राज्यों की पुलिस को गुमराह करता रहा गैंगस्टर विकास दुबे

कुख्यात विकास दुबे को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, और मध्यप्रदेश में अलर्ट जारी किया गया था लेकिन विकास इतना शातिर है कि सात दिनों तक सात राज्यों की पुलिस को गुमराह करता रहा। विकास को पकड़ने के लिए कानपुर के चालीस थानों के पुलिसबल, दस हजार पुलिसकर्मी और यूपी एसटीएफ की सौ से अधिक टीमें, साथ ही प्रदेश का खुफिया विभाग उसकी तलाश करता रहा लेकिन इन सब को गच्चा देकर वो मध्यप्रदेश भाग निकला और फिर बड़ी आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

2022 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता था गैंगस्टर

अपनी राजनीतिक पैठ बनाने के लिए विकास दुबे 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहा था और उसने भाजपा और बसपा दोनों पार्टियों पर अपनी निगाह लगा रखी थी। करीबी सूत्रों के अनुसार वह रनिया से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर इस बार चुनाव को लेकर पूरी तैयारी में था। कुछ दिनों पहले बदमाशों के हाथों मारे गए पिंटू सेंगर और विकास दुबे दोनों अगल-बगल की विधानसभा को लेकर बसपा से ही तैयारी में जुटे थे।

जिसकी पार्टी रहती उसके दमदार नेताओं के संपर्क में रहता था विकास दुबे

विकास दुबे का राजनीतिक इतिहास भी चौंकाने वाला है। यह जिस पार्टी की सरकार रहती है उसी पार्टी के दमदार नेताओं के संपर्क में रहकर अपनी सुरक्षा करता है। सबसे ज्यादा राजनीतिक पकड़ इसको बसपा की सरकार में मिली। तब से लेकर यह सपा के कई प्रमुख नेताओं और भाजपा के भी कुछ नेताओं के संपर्क में रह रहा था, लेकिन भाजपा के एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की वजह से भारतीय जनता पार्टी में उसकी घुसपैठ पिछले 2 साल से नहीं हो पा रही थी।

फरीदाबाद से फरार होने में मिली थी गैंगस्टर को सफलता

विकास मंगलवार को फरीदाबाद के एक होटल में देखा गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वो वहां से ऑटो में बैठकर फरार हो गया।

विकास के दो साथियों को गुरुवार सुबह पुलिस ने किया ढेर

इससे पहले गुरुवार सुबह ही विकास के दो करीबी प्रभात मिश्रा और बऊआ उर्फ प्रवीण को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में प्रभात ने भागने की कोशिश की, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया। दूसरी ओर विकास गैंग के ही बऊआ दुबे उर्फ प्रवीण को पुलिस ने इटावा में मार गिराया। दोनों बदमाश दो जुलाई को बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल थे।

मंदिर में आराम से घूमता रहा विकास

गैंगस्टर विकास ने वीवीआईपी दर्शन के लिए पर्ची कटवाने के बाद प्रसाद की एक दुकान पर पहुंचकर अपना बैग रखा। बैग रखने के बाद वह महाकाल मंदिर के एक नंबर गेट से पर्ची दिखाकर दाखिल हुआ। अंदर जाने के दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे। इस दौरान विकास आराम से मंदिर प्रांगण में घूमता रहा। पुलिस उसकी लोकेशन देखकर मंदिर के अंदर दाखिल हुई और उसे हिरासत में ले लिया।

आत्मसमर्पण के लिए महाकाल पहुंचा था गैंगस्टर

कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद फरार हुआ कुख्यात विकास दुबे फरीदाबाद से गायब होने के बाद गुरुवार को अचानक 750 किमी दूर मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में नजर आया। यहां उसने सबसे पहले 250 रुपए की पर्ची कटवाई फिर मंदिर में महाकाल के दर्शन किए और फिर चिल्ला चिल्लाकर बोला मैं हूं कानपुर वाला विकास दुबे।

दो अन्य साथी भी हुए गिरफ्तार: मध्यप्रदेश पुलिस

मध्यप्रदेश पुलिस ने कहा कि विकास दुबे उज्जैन में महाकाल मंदिर में वीआईपी पास लेकर दर्शन करने पहुंचा था। उसके दो अन्य साथी भी गिरफ्तार किए गए हैं।

लखनऊ नंबर की गाड़ी से उज्जैन पहुंचा था विकास दुबे

लखनऊ नंबर की गाड़ी से महाकाल जी मंदिर पहुंचा था विकास दुबे। नंबर प्लेट पर हाईकोर्ट लिखा हुआ है। यह गाड़ी मनोज यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। 

दुबे को लाने के लिए जल्द उज्जैन पहुंचेगी यूपी पुलिस

यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार से जब पूछा गया कि क्या यह (दुबे की गिरफ्तारी) उप्र पुलिस और मध्य प्रदेश पुलिस का संयुक्त अभियान था तो उन्होंने जवाब दिया कि नही वहां हमारी टीम मौजूद नही थी। अधिकारी ने कहा कि कानपुर से जांच अधिकारी और पुलिस टीम शीघ्र ही दुबे को लाने के लिए उज्जैन पहुंचेगी।

ट्वीट वॉर शुर- नरोत्तम मिश्रा का प्रियंका गांधी को जवाब

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद नरोत्तम मिश्रा और प्रियंका गांधी में ट्वीट वॉर शुरू हो गया है। प्रियंका के ट्वीट का जवाब देते हुए मिश्रा ने कहा, ‘ये लोग पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं। ये गलवां में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। आज एक कुख्यात अपराधी पकड़ा गया है तो मध्यप्रदेश पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं। ये वो हैं जो सेना और पुलिस का मनोबल गिराने का काम करते हैं।’

सात जुलाई को सामने आया था पहला सीसीटीवी फुटेज

सात जुलाई की रात को विकास का फरीदाबाद में पहला सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जहां वो होटल में कमरा लेने गया था। इस दौरान विकास ने अपनी भाभी के यहां शरण ली। फरीदाबाद से गायब होने के बाद विकास 750 किमी दूर मध्यप्रदेश के उज्जैन में नजर आया। यहां उसने महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पर्ची कटवाई फिर मंदिर प्रांगण में घूमता रहा।

विकास दुबे को जल्द ही ट्रांजिट रिमांड पर उज्जैन से उप्र लाएगी पुलिस

उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन से ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। दुबे को आज मध्यप्रदेश पुलिस ने उज्जैन से गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि दुबे को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जाएगा और कानपुर कांड में शामिल दुबे के गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने तक हमारा अभियान जारी रहेगा।

पुलिस को पांच दिन तक नहीं मिली थी विकास की लोकेशन

कानपुर गोलीकांड के पांच दिन तक विकास कहां है किसी को पता नहीं था। विकास की आखिरी लोकेशन पुलिस ने औरैया में ट्रेस की थी। इसके बाद विकास का मोबाइल ऑफ हो गया। इस दौरान विकास के उन्नाव, कानपुर देहात, मेरठ, दिल्ली फिल्म सिटी, नेपाल बॉर्डर सहित कई जगहों पर मिलने की आशंका में पुलिस दबिश देती रही।

शिवली गांव में दो दिन छिपा रहा था विकास दुबे

विकास को पकड़ने के लिए कानपुर के चालीस थानों की फोर्स, सात हजार पुलिसकर्मी और यूपी एसटीएफ की सौ से अधिक टीमें उसकी तलाश करती रहीं लेकिन इन सब को गच्चा देकर वो मध्यप्रदेश भाग निकला और फिर बड़ी आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया। सबसे मजे की बात ये कि विकास कानपुर एनकाउंटर की घटना को अंजाम देने के बाद वो घटनास्थल से महज पांच किमी दूर शिवली गांव में दो दिन छिपा रहा और पुलिस पूरे प्रदेश में उसे ढूंढती रही।

तीन जुलाई को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में विकास के दो साथियों का मार दिया था

तीन जुलाई को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान विकास के दो साथियों को बिकरू के पास जंगलों में छह घंटे बाद मार गिराया। यूपी डीजीपी ने प्रदेश के 75 जिलों में विकास को पकड़ने के लिए अलर्ट जारी किया था। सीएम योगी ने कानपुर पहुंच कर आठ पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी एवं शहीद के परिजनों से मुलाकात की थी। शुरुआती जांच में चौबेपुर एसओ की भूमिका को संदिग्ध पाते हुए सस्पेंड कर दिया गया था।

बंदूक के दम पर विकास ने जबरन कराई थी अपने ‘राइट हैंड’ अमर की शादी

कानपुर एनकाउंटर के बाद पुलिस के साथ हमीरपुर एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की 29 जून को शादी बंदूक के दम पर दहशतगर्द विकास दुबे के किलेनुमा घर में हुई थी। आवारापन और दर्ज केसों की जानकारी के बाद युवती के घरवालों ने शादी से इंकार कर दिया था तो विकास ने दबाव डालकर शादी करवा दी।

अधिकारियों को अय्याशी करवाता था विकास दुबे का करीबी जय

विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई पूर्व में शहर में तैनात एक आलाधिकारी का बहुत करीबी था। उनकी अधिकतर जरूरतें वही पूरी करता था। हाल ही में उस अधिकारी का बिठूर में फार्म हाउस भी बनवाना शुरू कर दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार आलाधिकारी की तैनाती के बाद जय एक करीबी विधायक के जरिए उनके संपर्क में आया। उसने अधिकारियों के लिए एक बंगले में अय्याशी का भी पूरा इंतजाम कर रखा था।

शहडोल के बुढ़ार से विकास के साले को भी ले गई एसटीएफ

विकास दुबे की तलाश में जुटी यूपी एसटीएफ बुधवार को दोबारा शहडोल जिले के बुढ़ार पहुंची और उसके साले ज्ञानेंद्र निगम उर्फ राजू उर्फ राजू खुल्लर को ले गई। एक दिन पहले यूपी एसटीएफ राजू के बेटे 20 वर्षीय आदर्श उर्फ महेंद्र निगम को भी अपने साथ ले गई थी।

उज्जैन से विकास की गिरफ्तारी पर प्रियंका ने यूपी सरकार को बताया फेल

गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आरोपी का उज्जैन पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की सीबीआई जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगजाहिर करना चाहिए।’

जिला पंचायत और प्रधानी के चुनाव का विरोध करने वालों को करता था प्रताड़ित

बिकरू गांव में रोली शुक्ला और उनके पति को मार्च में विकास और उसके गुंडों ने घर में घुसकर पीटा था। विरोध करने पर रोली के पति को बांधकर उल्टा लटका दिया। बिल्हौर के शिवबचन बताते हैं कि जिला पंचायत और प्रधानी के चुनाव में विरोध करने वालों को दुबे अपने घर में कैद कर प्रताड़ित करता था। ऐसे में लोग उसका विरोध करने से डरने लगे थे।

प्रिंसिपल को मारकर खून हाथों में मला था

विकास दुबे बेहद क्रूर हत्यारा रहा है। 1992 से 2020 तक जो भी उसके आड़े आया, विकास ने उसे मार दिया। हर हत्या क्रूरता की हदें पार करने वाली थी। विकास जिस स्कूल में पढ़ा था, उसके ही प्रिंसिपल की वीभत्स हत्या कर दी थी। बुजुर्ग सिद्धेश्वर पांडेय दुहाई देते रहे, लेकिन उसने एक न सुनी। हत्या के बाद उसने पांडेय का खून अपने हाथों पर भी मला था। पांडेय के बेटे राजेंद्र कहते हैं कि विकास ने उनके पिता को तड़पा-तड़पाकर मारा था।

विकास की लाल डायरी से हो सकते हैं काफी खुलासे

संतोष शुक्ला के भाई मनोज ने कहा था, ‘प्रशासनिक तंत्र ने विकास की मदद की। इसलिए अपराध की दुनिया का पौधा वटवृक्ष बन गया। मैं न्याय की गुहार लगता रहा, लेकिन तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियां विकास के पक्ष में थीं। मेरी कहीं सुनवाई नहीं हुई। कुछ मंत्री विकास की मदद कर रहे थे। विकास के पास एक लाल डायरी है। इसमें वह अपने खास अधिकारियों, नेताओं और उनसे जुड़े लोगों का हिसाब रखता है। अगर पुलिस को डायरी मिलती है तो काफी खुलासे हो सकते हैं।’

अज्ञात जगह पर हो रही है पूछताछ

मध्यप्रदेश पुलिस गैंगस्टर विकास दुबे से अज्ञात जगह पर पूछताछ कर रही है। अदालत से रिमांड मिलने के बाद उसे यूपी पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

कुख्यात अपराधी विकास दुबे ने कहा, शवों को जलाकर सबूत मिटाने की थी योजना

कानपुर गोलीकांड के सातवें दिन कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे ने फिल्मी अंदाज में मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में आत्मसमर्पण कर दिया। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार विकास दुबे ने महाकाल मंदिर के गार्ड से चिल्ला- चिल्लाकर कहा कि जानते हो मैं विकास दुबे हूं। इसके बाद महाकाल के सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़कर मध्यप्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया।

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